शादी की योजना — मुफ़्त टूल्स और चरण-दर-चरण गाइड
अपनी पूरी शादी की योजना एक ही जगह बनाएं: बैठक व्यवस्था, मेहमानों की सूची, बजट, चेकलिस्ट और समय-सारणी — साथ में विशेषज्ञ गाइड। शुरुआत मुफ़्त है।
- मुफ़्त शुरुआत — क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत नहीं
- सभी योजना टूल एक ही जगह
- 40 भाषाओं में विशेषज्ञ गाइड
- किसी भी डिवाइस पर काम करता है

चरण-दर-चरण योजना बनाएं
मेहमानों की सूची से बैठक व्यवस्था तक पाँच आसान चरण — हर चरण के लिए एक मुफ़्त टूल।
1. मेहमानों की सूची बनाएं
मुफ़्त गेस्ट लिस्ट टूल से नाम जोड़ें, RSVP और मेहमानों की संख्या ट्रैक करें।
2. अपना बजट तय करें
शादी के बजट कैलकुलेटर से हर खर्च की योजना बनाएं और उसे ट्रैक करें।
3. चेकलिस्ट का पालन करें
महीने-दर-महीने शादी की योजना चेकलिस्ट से समय पर रहें।
4. बैठक व्यवस्था करें
रिसेप्शन का लेआउट डिज़ाइन करें और बैठक व्यवस्था निर्माता से हर मेहमान की सीट तय करें।
5. सभी टूल देखें
एक ही जगह पर सभी मुफ़्त शादी योजना टूल देखें।
शादी की योजना के मार्गदर्शिकाएँ
योजना के हर चरण के लिए विशेषज्ञ, चरण-दर-चरण मार्गदर्शिकाएँ।
भारतीय शादी असल में एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सगाई से विदाई तक चलने वाला पूरा उत्सव है, जिसमें दर्जनों फैसले, सैकड़ों मेहमान और कई वेंडर एक साथ संभालने पड़ते हैं। ऊपर दिया गया वेडिंग प्लानिंग टूल इन सबको एक जगह, बिना कागज़ के रजिस्टर के, व्यवस्थित करने के लिए बनाया गया है। नीचे हम बताएंगे कि इसे भारतीय शादियों के हिसाब से असल में कैसे इस्तेमाल करें, कहां लोग गलती करते हैं और अलग-अलग परंपराओं के लिए योजना कैसे बदलती है।
इस टूल को भारत में किन नामों से जाना जाता है
हर परिवार और क्षेत्र इस तरह के प्लानिंग टूल को अपनी भाषा में अलग नाम देता है, भले ही काम एक जैसा हो — शादी को व्यवस्थित रखना। शहरी परिवार अक्सर इसे “वेडिंग प्लानर” या “मैरिज प्लानिंग ऐप” कहते हैं, जबकि छोटे शहरों और कस्बों में यही चीज़ “शादी की तैयारी लिस्ट” या “शादी का हिसाब-किताब” के नाम से जानी जाती है क्योंकि पुरानी पीढ़ी इसे बजट और खर्च के रजिस्टर की तरह देखती है। पंजाबी और सिंधी परिवारों में इसे अक्सर “फंक्शन-वाइज़ लिस्ट” कहा जाता है क्योंकि हर रस्म — रोका, चूड़ा, मेहंदी — अलग से लिखी जाती है। दक्षिण भारतीय परिवार मुहूर्त-आधारित योजना पर ज़्यादा ज़ोर देते हैं, इसलिए वहां इसे “मुहूर्तम शेड्यूल” या “इवेंट प्लानिंग शीट” कहा जाना आम है। दफ्तर जाने वाले जोड़े इसे सीधे “वेडिंग स्प्रेडशीट” या “टू-डू ट्रैकर” बुलाते हैं। नाम कोई भी हो, मकसद एक ही रहता है — मेहमान, बजट, वेंडर और तारीखें एक जगह, ताकि व्हाट्सऐप ग्रुप और अलग-अलग कॉपियों में उलझना न पड़े।
- शादी की तैयारी लिस्ट
- मैरिज प्लानर रजिस्टर
- शादी का बजट-मेहमान रजिस्टर
- फंक्शन-वाइज़ चेकलिस्ट
- मुहूर्तम शेड्यूल शीट
टूल में शादी की पूरी योजना कैसे बनाएं
1. सबसे पहले शादी की मुख्य तारीख डालें और साथ ही रोका, हल्दी, मेहंदी, संगीत, फेरे और रिसेप्शन जैसे हर समारोह के लिए अलग तारीख-समय जोड़ें, ताकि टाइमलाइन एक ही जगह दिखे। 2. हर फंक्शन के नीचे वेन्यू, अनुमानित मेहमान संख्या और शुरुआती समय दर्ज करें। 3. बजट सेक्शन खोलकर कुल बजट डालें, फिर उसे वेन्यू, कैटरिंग, डेकोर, फोटोग्राफी, कपड़े-गहने और संगीत/डीजे जैसी श्रेणियों में बांटें। 4. मेहमान लिस्ट टैब में लड़के और लड़की दोनों पक्षों के परिवार अलग-अलग ग्रुप में जोड़ें ताकि दोनों तरफ के रिश्तेदार गड्डमड्ड न हों। 5. हर मेहमान के सामने RSVP स्टेटस — पक्का, शायद, मना — अपडेट करते रहें जैसे-जैसे जवाब आते हैं। 6. वेंडर सेक्शन में हर वेंडर का नाम, बुकिंग की तारीख, एडवांस राशि और बकाया लिखें ताकि पेमेंट न भूलें। 7. महीनेवार चेकलिस्ट देखें और जैसे-जैसे काम पूरे हों, टिक करते जाएं। 8. Sigvanta जैसा साझा एक्सेस देकर माता-पिता या भाई-बहन को भी जोड़ें ताकि पूरा परिवार एक ही अपडेटेड लिस्ट देखे, अलग-अलग कॉपी न बने।
हर बड़े फैसले के बाद तुरंत टूल में अपडेट करें, मन में या कागज़ पर याद रखने पर शादी के आखिरी हफ्ते में जानकारी बिखर जाती है।
बजट और खर्च का हिसाब कैसे रखें
भारतीय शादियों में सबसे बड़ा हिस्सा आमतौर पर वेन्यू और कैटरिंग पर जाता है, क्योंकि प्रति प्लेट दर मेहमानों की संख्या के साथ गुणा होकर बजट का बड़ा टुकड़ा खा जाती है। इसके बाद डेकोर, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी, दुल्हन-दूल्हे के कपड़े व गहने, और संगीत-डीजे-कोरियोग्राफर का खर्च आता है, जिसे अक्सर परिवार अलग से नहीं जोड़ते और बजट बिगड़ जाता है। टूल में हर श्रेणी के सामने अनुमानित और वास्तविक खर्च दोनों दर्ज करें, ताकि अंतर तुरंत दिखे। शगुन, कार्ड छपाई, ट्रांसपोर्ट और मेहमानों की स्टे व्यवस्था जैसे “छोटे” खर्च मिलकर कुल बजट का बड़ा हिस्सा बन जाते हैं, इसलिए इन्हें अलग लाइन आइटम बनाना ज़रूरी है। अगर दोनों परिवार खर्च साझा कर रहे हैं तो हर एंट्री में “किसने भुगतान किया” कॉलम जोड़ें ताकि बाद में हिसाब को लेकर कोई गलतफहमी न हो।
- वेन्यू-कैटरिंग सबसे बड़ी मद
- अनुमानित बनाम वास्तविक खर्च ट्रैक करें
- शगुन-कार्ड-ट्रांसपोर्ट अलग लिखें
- भुगतान-कर्ता कॉलम दोनों परिवारों के लिए

मेहमान लिस्ट, RSVP और कार्ड मैनेजमेंट
भारतीय शादियों में मेहमान लिस्ट अक्सर सबसे उलझा हुआ हिस्सा होता है क्योंकि दूल्हा-दुल्हन, दोनों माता-पिता और कभी-कभी दादा-दादी तक की अपनी-अपनी लिस्ट होती है। इन सबको टूल में एक साथ लाकर परिवार-वार ग्रुप बनाएं — जैसे “दुल्हन की तरफ के रिश्तेदार”, “दूल्हे के दोस्त”, “पापा के ऑफिस वाले” — ताकि हर फंक्शन के लिए सही लोगों को बुलाया जाए, क्योंकि हल्दी-मेहंदी में सब नहीं आते जबकि फेरों और रिसेप्शन में लगभग सब बुलाए जाते हैं। कार्ड छपवाने से पहले टूल की गिनती को अंतिम मानें, इससे अतिरिक्त कार्ड छपने या मेहमान छूटने की गलती नहीं होती। डिजिटल निमंत्रण के साथ RSVP लिंक भेजें और स्टेटस टूल में अपडेट करते रहें; फोन कॉल या व्हाट्सऐप पर आए जवाबों को भी उसी दिन दर्ज करें, वरना अंतिम गिनती कैटरर को देर से मिलती है और प्लेट कम-ज्यादा पड़ जाती हैं।
वेंडर बुकिंग और टाइमलाइन तालमेल
अच्छे वेंडर — फोटोग्राफर, कैटरर, डेकोरेटर, मेकअप आर्टिस्ट — सीज़न में महीनों पहले बुक हो जाते हैं, इसलिए टूल के वेंडर सेक्शन में हर वेंडर की बुकिंग स्थिति, अनुबंध की तारीख और अंतिम भुगतान की समयसीमा साथ-साथ रखें। हर वेंडर को संबंधित फंक्शन से जोड़ें ताकि पता चले कि मेहंदी वाला फोटोग्राफर अलग है या वही टीम पूरे तीन दिन कवर करेगी। शादी से एक हफ्ता पहले हर वेंडर से रिपोर्टिंग टाइम, टीम की संख्या और सामान पहुंचने का समय दोबारा कन्फर्म करें। इस पूरे तालमेल को व्यवस्थित करने के लिए वेडिंग वेंडर बुकिंग चेकलिस्ट और महीने के अनुसार शादी की चेकलिस्ट साथ में देखना मददगार रहता है, क्योंकि ये गाइड बताते हैं कि किस महीने कौन-सी बुकिंग पक्की होनी चाहिए।

अलग-अलग शादी की शैली के लिए उदाहरण लेआउट
टूल हर तरह की भारतीय शादी के लिए अलग ढांचे में ढल जाता है, चाहे आयोजन तीन दिन का भव्य उत्सव हो या एक दिन की सादी रस्म। नीचे कुछ आम लेआउट दिए गए हैं जो अलग-अलग परंपराओं में इस्तेमाल होते हैं और जिन्हें ऊपर टूल में स्क्रीनशॉट की तरह देखा जा सकता है।
- उत्तर भारतीय बिग फैट शादी: संगीत, मेहंदी, बारात, फेरे — चार अलग टैब
- पंजाबी सिख आनंद कारज: गुरुद्वारा समय, अखंड पाठ, लंगर गिनती अलग से
- दक्षिण भारतीय मुहूर्त शादी: सुबह के मुहूर्त अनुसार टाइमलाइन क्रमबद्ध
- बंगाली शादी: आइबुरो भात, गे होलुद, बोउ भात अलग फंक्शन कार्ड
- इंटरफेथ या कोर्ट मैरिज: छोटी मेहमान सूची, सिंगल-डे बजट टेम्पलेट
- डेस्टिनेशन वेडिंग: यात्रा-ठहराव कॉलम मेहमान लिस्ट में जुड़ा
शादी की प्लानिंग में शिष्टाचार और आम गलतियां
भारतीय शादियों में मेहमान लिस्ट सिर्फ संख्या नहीं, रिश्तों की प्राथमिकता भी दिखाती है — इसलिए बुज़ुर्ग रिश्तेदारों को सामने की पंक्ति और नज़दीकी सीटिंग देना शिष्टाचार का हिस्सा माना जाता है, वरना नाराज़गी हो सकती है। एक आम गलती यह है कि परिवार अंतिम समय तक मेहमान जोड़ते रहते हैं जबकि कैटरर को गिनती पहले ही दी जा चुकी होती है, जिससे प्लेट की कमी या भारी अतिरिक्त बिल दोनों हो सकते हैं। दूसरी गलती शगुन और गिफ्ट रजिस्टर को अलग कॉपी में लिखना है, जबकि इसे भी उसी टूल में दर्ज करने से बाद में धन्यवाद-पत्र भेजना आसान होता है। वेंडर से मौखिक बातचीत पर भरोसा करना और लिखित पुष्टि न लेना भी बार-बार होने वाली भूल है — हर बुकिंग टूल में तारीख-राशि सहित दर्ज करें। अंत में, दोनों परिवारों को एक ही लिस्ट पर साझा एक्सेस न देना गलतफहमियों की सबसे बड़ी वजह बनता है।
बुज़ुर्ग रिश्तेदारों और नज़दीकी परिवार की सीटिंग प्राथमिकता तय करते समय दोनों पक्षों की सहमति ज़रूर लें, वरना शादी वाले दिन बैठक व्यवस्था पर विवाद हो सकता है।
हर थीम में उदाहरण

1.Planning overview · Sage & Olive 
2.Planning roadmap · Sage & Olive 
3.Planning overview · Dusk Blue 
4.Planning roadmap · Dusk Blue 
5.Planning overview · Terracotta 
6.Planning roadmap · Terracotta
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारतीय शादी की योजना कितने महीने पहले शुरू करनी चाहिए
बड़ी और बहु-दिवसीय शादी के लिए आमतौर पर आठ से बारह महीने पहले शुरुआत करना सुरक्षित रहता है, ताकि पसंदीदा वेन्यू, फोटोग्राफर और कैटरर सीज़न में बुक मिल सकें। छोटी या कोर्ट मैरिज जैसी सीमित शादियों के लिए तीन-चार महीने भी पर्याप्त हो सकते हैं, बशर्ते मेहमान लिस्ट और वेंडर जल्दी फाइनल कर लिए जाएं।
मेहमानों की लिस्ट में दोनों परिवारों की सूची कैसे मिलाएं
टूल में लड़के और लड़की पक्ष के लिए अलग-अलग ग्रुप बनाएं और हर ग्रुप के आगे यह भी लिखें कि वह मेहमान किन-किन फंक्शन में आमंत्रित है। इससे अंतिम गिनती निकालते समय दोहराव नहीं होता और कैटरर को सही संख्या मिलती है।
बजट में सबसे ज़्यादा हिस्सा किस चीज़ पर रखना चाहिए
सामान्यतः वेन्यू और कैटरिंग मिलाकर बजट का सबसे बड़ा हिस्सा लेते हैं, इसके बाद डेकोर, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी और परिधान-गहनों का नंबर आता है। सटीक बंटवारा परिवार की प्राथमिकता पर निर्भर करता है, इसलिए टूल में हर श्रेणी को अलग रखकर वास्तविक खर्च के साथ तुलना करते रहना बेहतर है।
क्या यह टूल पूरे परिवार के साथ मोबाइल पर साझा किया जा सकता है
हां, टूल को माता-पिता, भाई-बहन या वेडिंग प्लानर के साथ साझा एक्सेस के ज़रिए जोड़ा जा सकता है ताकि सब लोग एक ही अपडेटेड मेहमान लिस्ट, बजट और चेकलिस्ट मोबाइल पर देखें, अलग-अलग व्हाट्सऐप मैसेज या कॉपी में उलझना न पड़े।
डेस्टिनेशन वेडिंग की योजना सामान्य शादी से कैसे अलग होती है
डेस्टिनेशन वेडिंग में मेहमान लिस्ट के साथ यात्रा और ठहराव की जानकारी भी जोड़नी पड़ती है — किसकी उड़ान कब है, कौन-सा होटल, कितने दिन रुकेंगे। बजट में स्थानीय वेन्यू खर्च के अलावा मेहमानों के आवास और परिवहन के लिए अलग लाइन आइटम रखना ज़रूरी है।
शगुन और गिफ्ट रजिस्टर कैसे मैनेज करें
शगुन को अलग डायरी की बजाय उसी टूल में मेहमान के नाम के आगे दर्ज करें, ताकि शादी के बाद धन्यवाद-पत्र भेजते समय हर व्यक्ति का हिसाब स्पष्ट रहे और कोई भी नाम छूटे नहीं।
शादी से ठीक पहले होने वाले लास्ट-मिनट बदलावों को कैसे संभालें
शादी के हफ्ते में मेहमान संख्या, वेंडर समय या वेन्यू व्यवस्था में छोटे बदलाव आम हैं, इसलिए टूल की चेकलिस्ट को उस हफ्ते रोज़ाना खोलकर अपडेट करें और सभी संबंधित लोगों को तुरंत सूचित करें ताकि कैटरर, डेकोरेटर और फोटोग्राफर सबको एक जैसी सही जानकारी मिले।
ऊपर दिया गया वेडिंग प्लानिंग टूल अभी मुफ़्त इस्तेमाल करें — अपनी शादी की तारीख, फंक्शन, बजट और मेहमान लिस्ट एक ही जगह डालें, परिवार को साझा एक्सेस दें और बिना किसी कागज़ के रजिस्टर के अपनी पूरी शादी व्यवस्थित रखें।
योजना शुरू करने के लिए तैयार हैं?
अपना मुफ़्त शादी प्रोजेक्ट बनाएँ और सब कुछ एक ही जगह पर व्यवस्थित करें।
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